menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
शिशुपाल उवाच
इति सन्तोऽनुशासन्ति सज्जना धर्मिणः सदा |  १४   क
भीष्म लोके हि तत्सर्वं वितथं त्वय़ि दृश्यते ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति