अनुशासन पर्व  अध्याय ४५

भीष्म उवाच

भार्यापत्योर्हि सम्वन्धः स्त्रीपुंसोस्तुल्य एव सः |  १०   क
रतिः साधारणो धर्म इति चाह स पार्थिवः ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति