menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अन्योऽप्यथ न विक्रेय़ो मनुष्यः किं पुनः प्रजाः |  २४   क
अधर्ममूलैर्हि धनैर्न तैरर्थोऽस्ति कश्चन ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति