menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
सञ्जय़ो नृपतेर्नेता समेषु विषमेषु च |  १७   क
गान्धार्यास्तु पृथा राजंश्चक्षुरासीदनिन्दिता ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति