menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
अपर्यन्तं धनौघं तं दृष्ट्वा शत्रोरहं नृप |  २३   क
शर्म नैवाधिगच्छामि चिन्तय़ानोऽनिशं विभो ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति