menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
अश्वत्थामो उवाच
यं यमेषोऽभिसङ्क्रुद्धः सङ्ग्रामेऽभिपतिष्यति |  १७   क
वृक्षं गरुडवेगेन विनिहत्य तमेष्यति ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति