menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पुरोहिताय़ धौम्याय़ प्रादादय़ुतशः स गाः |  ७   क
धनं सुवर्णं रजतं वासांसि विविधानि च ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति