menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
असह्यविक्रान्तमदीनसत्त्वं; सर्वे गणा भारत दुर्विषह्यम् |  ५   क
सहस्रनेत्रप्रतिमप्रभावं; दिवीव सूर्यं जलदव्यपाय़े ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति