menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दीर्घनख्यो दीर्घदन्त्यो दीर्घतुण्ड्यश्च भारत |  ३०   क
सरला मधुराश्चैव यौवनस्थाः स्वलङ्कृताः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति