menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्राकुर्वन्त विपुलं नादं वध्यत्सु शत्रुषु |  ६७   क
कुमारानुचरा राजन्पूरय़न्तो दिशो दश ||  ६७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति