आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४६

व्रह्मो उवाच

एवमेतेन मार्गेण पूर्वोक्तेन यथाविधि |  १   क
अधीतवान्यथाशक्ति तथैव व्रह्मचर्यवान् ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति