आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४६

व्रह्मो उवाच

ग्रासादाच्छादनाच्चान्यन्न गृह्णीय़ात्कथञ्चन |  २१   क
यावदाहारय़ेत्तावत्प्रतिगृह्णीत नान्यथा ||  २१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति