आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४६

व्रह्मो उवाच

मृदमापस्तथाश्मानं पत्रपुष्पफलानि च |  २४   क
असंवृतानि गृह्णीय़ात्प्रवृत्तानीह कार्यवान् ||  २४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति