menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४६
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
न तत्र क्रमते वुद्धिर्नेन्द्रिय़ाणि न देवताः |  ४८   क
वेदा यज्ञाश्च लोकाश्च न तपो न पराक्रमः |  ४८   ख
यत्र ज्ञानवतां प्राप्तिरलिङ्गग्रहणा स्मृता ||  ४८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति