आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४६

व्रह्मो उवाच

एतदेवान्तवेलाय़ां परिसङ्ख्याय़ तत्त्ववित् |  ५४   क
ध्याय़ेदेकान्तमास्थाय़ मुच्यतेऽथ निराश्रय़ः ||  ५४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति