आश्रमवासिक पर्व  अध्याय ४६

युधिष्ठिर उवाच

यस्य पुत्रशतं श्रीमदभवद्वाहुशालिनः |  ३   क
नागाय़ुतवलो राजा स दग्धो हि दवाग्निना ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति