menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६७
chevron_left
chevron_right
विराट उवाच
किमर्थं पाण्डवश्रेष्ठ भार्यां दुहितरं मम |  १   क
प्रतिग्रहीतुं नेमां त्वं मय़ा दत्तामिहेच्छसि ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति