menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यं तं व्यक्तस्थमव्यक्तं विचिन्वन्ति महर्षय़ः |  ३३   क
क्षेत्रे क्षेत्रज्ञमासीनं तस्मै क्षेत्रात्मने नमः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति