menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
परः कालात्परो यज्ञात्परः सदसतोश्च यः |  ४७   क
अनादिरादिर्विश्वस्य तस्मै विश्वात्मने नमः ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति