menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
आत्मज्ञानमिदं ज्ञानं ज्ञात्वा पञ्चस्ववस्थितम् |  ४९   क
यं ज्ञानिनोऽधिगच्छन्ति तस्मै ज्ञानात्मने नमः ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति