menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततस्तु शरवर्षेण पार्थिवास्तमवारय़न् |  २०   क
धनूंषि ते विधुन्वानाः शतशोऽथ सहस्रशः |  २०   ख
अय़ोधय़न्त राधेय़ं शक्रं दैत्यगणा इव ||  २०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति