आदि पर्व  अध्याय ३०

सूत उवाच

अदासी चैव मातेय़मद्यप्रभृति चास्तु मे |  १६   क
यथोक्तं भवतामेतद्वचो मे प्रतिपादितम् ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति