menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वलं तु वाचि द्विजसत्तमानां; क्षात्रं वुधा वाहुवलं वदन्ति |  ८१   क
त्वं वाग्वलो भारत निष्ठुरश्च; त्वमेव मां वेत्सि यथाविधोऽहम् ||  ८१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति