वन पर्व  अध्याय २१९

मार्कण्डेय़ उवाच

एवमेते कुमाराणां मय़ा प्रोक्ता महाग्रहाः |  ४१   क
यावत्षोडश वर्षाणि अशिवास्ते शिवास्ततः ||  ४१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति