menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यानमाच्छादनं भोगान्दासीश्च परिचारिकाः |  २०   क
ददौ राजा समुद्दिश्य तय़ोर्मात्रोर्महीपतिः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति