menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
गुरुशुश्रूषय़ा चैव जननी तव पाण्डव |  ८   क
प्राप्ता सुमहतीं सिद्धिमिति मे नात्र संशय़ः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति