menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
न हि पश्यामि सङ्ग्रामे कदाचिदपि कौरव |  १२   क
एकान्तसिद्धिं राजेन्द्र सम्प्राप्तश्च धनञ्जय़ः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति