menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
तस्माद्युद्धावचरिकं कर्म वा धर्मसंहितम् |  १४   क
क्रिय़तामाशु राजेन्द्र सम्प्राप्तो हि धनञ्जय़ः ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति