menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यदा द्रष्टा भीमसेनं रणस्थं; गदाहस्तं क्रोधविषं वमन्तम् |  १४   क
दुर्मर्षणं पाण्डवं भीमवेगं; तदा युद्धं धार्तराष्ट्रोऽन्वतप्स्यत् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति