menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
महासिंहो गाव इव प्रविश्य; गदापाणिर्धार्तराष्ट्रानुपेत्य |  १५   क
यदा भीमो भीमरूपो निहन्ता; तदा युद्धं धार्तराष्ट्रोऽन्वतप्स्यत् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति