menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दुर्योधनो वाचमिमां शृणोतु; यदव्रवीदर्जुनो योत्स्यमानः |  २   क
युधिष्ठिरस्यानुमते महात्मा; धनञ्जय़ः शृण्वतः केशवस्य ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति