menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कान्दिग्भूतं छिन्नगात्रं विसञ्ज्ञं; दुर्योधनो द्रक्ष्यति सर्वसैन्यम् |  ५६   क
हताश्ववीराग्र्यनरेन्द्रनागं; पिपासितं श्रान्तपत्रं भय़ार्तम् ||  ५६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति