menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
आहृत्य कृष्णो मणिकुण्डले ते; हत्वा च भौमं नरकं मुरं च |  ७९   क
श्रिय़ा वृतो यशसा चैव धीमा; न्प्रत्याजगामाप्रतिमप्रभावः ||  ७९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति