menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो दौःशासनिं कार्ष्णिर्विद्ध्वा सप्तभिराशुगैः |  १०   क
संरम्भाद्रक्तनय़नो वाक्यमुच्चैरथाव्रवीत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति