menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
व्रतैश्च निय़मैश्चैव तपसा च तपोधन |  १०   क
शक्रस्तोषय़ितव्यो वै मय़ा त्रिभुवनेश्वरः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति