menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इत्युक्तो भगवान्देवः स्मय़न्निव निरीक्ष्य ताम् |  ११   क
उवाच निय़मज्ञां तां सान्त्वय़न्निव भारत ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति