menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स वार्ष्णेय़वचः श्रुत्वा कर्णमुत्सृज्य वीर्यवान् |  ४   क
युय़ुधे राक्षसेन्द्रेण वकभ्रात्रा घटोत्कचः |  ४   ख
तय़ोः सुतुमुलं युद्धं वभूव निशि रक्षसोः ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति