menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
विशेषं तव कल्याणि प्रय़च्छामि वरं वरे |  ४९   क
अरुन्धत्या वरस्तस्या यो दत्तो वै महात्मना ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति