menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
च्यवन उवाच
निविष्टं गोकुलं यत्र श्वासं मुञ्चति निर्भय़म् |  ३२   क
विराजय़ति तं देशं पाप्मानं चापकर्षति ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति