menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
श्रुत्वा हि निर्जितान्द्यूते पाण्डवान्मधुसूदनः |  १२   क
त्वरितः काम्यके पार्थान्समभावय़दच्युतः ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति