menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते धर्मराजेन वृता वर्षादूर्ध्वं त्रय़ोदशात् |  ३७   क
पुरस्कृत्योपय़ास्यन्ति वासुदेवं महारथाः ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति