menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो द्रोणं महेष्वासं गाङ्गेय़स्य प्रिय़े रतम् |  ३०   क
अभ्यवर्षत पाञ्चाल्यः संय़ुक्तः सह सोमकैः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति