menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नापि शक्यो रणे जेतुं भीष्मः पार्थेन धीमता |  ६५   क
सधनुश्च रथस्थश्च प्रवपन्साय़कान्रणे ||  ६५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति