menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
रुक्मपुङ्खैश्च सम्पूर्णा रुधिरौघपरिप्लुता |  २३   क
उत्तमाङ्गैश्च वीराणां भ्राजमानैः सकुण्डलैः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति