menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
रथाश्वनरमातङ्गान्विनिहत्य सहस्रशः |  ३८   क
अवितृप्तः स सङ्ग्रामादशोच्यः पुण्यकर्मकृत् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति