menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उपाध्याय़ं पुरस्कृत्य कश्यपं मुनिसत्तमम् |  ८   क
अय़जद्वाजपेय़ेन सोऽश्वमेधशतेन च |  ८   ख
प्रददौ दक्षिणार्थं च पृथिवीं वै ससागराम् ||  ८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति