menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
इति रणरभसस्य कत्थत; स्तदुपनिशम्य वचः स मद्रराट् |  ६१   क
अवहसदवमन्य वीर्यवा; न्प्रतिषिषिधे च जगाद चोत्तरम् ||  ६१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति