menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
समः सञ्ज्ञागतस्त्वेवं यदा सर्वत्र दृश्यते |  ११   क
उपभुङ्क्ते सदा सत्त्वमापः पुष्करपर्णवत् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति