menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एतद्भीष्मस्य वचनं श्रुत्वा राजा युधिष्ठिरः |  ३७   क
अमृतेनेव सन्तृप्तः प्रहृष्टः समपद्यत ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति