menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
जानासि दाशार्ह मम व्रतं त्वं; यो मां व्रूय़ात्कश्चन मानुषेषु |  ६१   क
अन्यस्मै त्वं गाण्डिवं देहि पार्थ; यस्त्वत्तोऽस्त्रैर्भविता वा विशिष्टः ||  ६१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति